हमारे शरीर और ज्ञानेन्द्रियों की अपनी एक सीमा है और उन सीमाओं के बाहर कोई कार्य होता है तो हम सहज रूप से उस पर विश्वास नहीं कर पाते। जिसे हम रहस्य वा अन्धविश्वास कहकर टाल देते हैं। लेकिन फिर भी हमारी आत्मा के किसी कोने से आवाज बराबर उठती रहती है और कहती रहती है कहीं न कहीं सत्य है। उसे पूर्णरूप से नकार नहीं सकते।
A comprehensive presentation of both Ganit and Falit Jyotish
Shenker Adawal he is a graduate in Economics (Hons)
योग तथा दशाक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है I बारह राशियों
लाल किताब के बारे में छपी किसी भी पुस्तक में लाल किताब में पितृ - ऋण का किसी भी रूप में विस्तार तथा व्याख्या नहीं दी गई l वास्तव में ज्योतिषी की पाराशरी और दूसरी पद्धतियों में भी पितृ - ऋण यानी पैतृक दोष के बारे में कोई विशेष पुस्तक नहीं है l इस पुस्तक को लिखने की आवश्यकता इसलिए है कि पाठको को अपने बुजुर्गो के लिए हुए दुष्कर्मो के फल भोगने के क्या सिद्धांत है
Shankh Rudraksh Shaligram Moti Upaya Hain Inke Khari Kasauti [Hindi] Ashtakavarga [English] हमारे शरीर और ज्ञानेन्द्रियों की, , , . , , , , , ' , , , , , ,